Sunday, February 25, 2024
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विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल: टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग इलेवन

18 जून से विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताबी मुकाबला इंग्लैंड के साउथेम्प्टन के रोज बाउल स्टेडियम में शुरू होगा। जहां भारत और न्यूजीलैंड के बीच टेस्ट क्रिकेट में विश्व विजेता बनने के लिए जंग होगी। न्यूजीलैंड पहले ही इंग्लैंड में है और इंग्लैंड के साथ उनकी टेस्ट सीरीज जारी है। वहीं टीम इंडिया ने भी साउथेम्प्टन पहुंचने के बाद अभ्यास शुरू कर दिया है। टीम इंडिया ने इस चैंपियनशिप में कमाल का प्रदर्शन किया और ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में हराने के बाद इंग्लैंड को मात देकर फाइनल में जगह बनाई। 

टीम इंडिया फाइनल मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है और विराट कोहली पिच की परिस्थितियों को जांचने के बाद अपनी सर्वश्रेष्ठ एकादश के साथ मैदान में उतरेंगे। फाइनल में टीम इंडिया अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के साथ मैदान में उतरेगी। चोट के बाद जडेजा भी वापसी कर चुके हैं उनका खेलना भी लगभग तय है। आइए जानते हैं कि क्या हो सकती है टीम इंडिया की संभावित एकादश और कैसा हो सकता है टीम कॉम्बिनेशन-

ओपनिंग जोड़ी (रोहित शर्मा-शुभमन गिल)

संभावना है कि विराट कोहली ओपनिंग जोड़ी में कोई बदलाव नहीं करेंगे। हालांकि ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद गिल की फॉर्म उतनी अच्छी नहीं रही है। इंडियन टी20 लीग में भी वे बल्ले से खास प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। लेकिन गिल टेस्ट क्रिकेट के आदर्श बल्लेबाज हैं। वह भारत के बल्लेबाजी क्रम में एक सरप्राइज पैकेज हो सकते हैं। गिल ने पिछले साल एमसीजी में पदार्पण किया था और विजेता टीम का हिस्सा थे। उन्होंने गाबा में 91 रन बनाकर ऐतिहासिक लक्ष्य का पीछा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत के पास मयंक अग्रवाल का विकल्प है लेकिन फाइनल में गिल की संभावना काफी अधिक लग रही है।

वहीं दूसरी ओर रोहित शर्मा भारत के नियमित ओपनर हैं। घरेलू टेस्ट मैचों में उनका प्रदर्शन शानदार रहा, इंग्लैंड के खिलाफ हुई टेस्ट सीरीज में उन्होंने 162 रन की पारी खेली थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी अर्धशतक जड़ा था। लेकिन विदेशी धरती पर रोहित शर्मा का औसत चिंताजनक है। भारतीय टीम इस बार उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करेगी। 

मिडिल ऑर्डर (पुजारा, कोहली, रहाणे)

टीम इंडिया का मध्यक्रम इस समय दुनिया का सर्वश्रेष्ठ मध्यक्रम है। मिडिल ऑर्डर में आने वाले बल्लेबाज सबसे ज्यादा अनुभवी होंगे पुजारा का नंबर-3 पर आना लगभग तय है। वे इस समय दुनिया से श्रेष्ठ टेस्ट बल्लेबाजों में से एक हैं और भारत को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुंचाने में उनका अतुलनीय योगदान है। द्रविड़ के बाद पुजारा को भारत को भरोसेमंद बल्लेबाज माना जाता है। पुजारा विकेट पर टिक कर खड़े हो जाते हैं और गेंदबाजों की कड़ी परीक्षा लेते हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक सीरीज जीत में पुजारा का बड़ा योगदान था। उम्मीद है कि वे फाइनल में भी टीम इंडिया के लिए महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

विराट कोहली टेस्ट में चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं। ऐसे में उन पर भी बहुत बड़ा दारोमदार है। विराट कोहली इस समय सभी प्रारूपों में दुनिया के श्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार है। उनकी निरंतरता का कोई सानी नहीं है। लेकिन पिछले डेढ सालों से उनके बल्ले से कोई शतक नहीं आया है। उन्होंने अर्धशतक जमाने में कामयाबी हासिल की है लेकिन वे बड़ी पारी में उसे तब्दील नहीं कर पाए हैं। उम्मीद है कि टीम इंडिया के कप्तान फाइनल मुकाबले में बड़ी पारी खेलेंगे और टीम को विजेता बनाएंगे।

रहाणे के नाम टेस्ट फॉर्मेट में 12 शतक हैं और भारत ने इन टेस्ट में एक भी मैच नहीं हारा है। अगर वह बड़ा स्कोर करते हैं, तो भारत के लिए बहुत फायदा हो सकता है। उन्होंने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2019-21 में 3 शतक बनाए और वर्तमान में, वह विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। रहाणे ने वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के विदेशी दौरों पर श्रृंखला जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने इंग्लैंड में भारत की आखिरी टेस्ट जीत में भी शतक लगाया था। इसलिए फाइनल में उन पर बड़ी जिम्मेदारी होगी।

विकेटकीपर (ऋषभ पंत)

जब विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की शुरूआत हुई थी तब ऋद्धिमान साहा भारत के मुख्य विकेटकीपर थे। वे अच्छे विकेटकीपर भी हैं, लेकिन टीम इंडिया को ऐसे खिलाड़ी की तलाश थी जो तेजी से रन बटोर सके। ऋषभ पंत ने इस तलाश को खत्म किया। पंत पिछले कुछ महीनों में भारत के लिए स्टार खिलाड़ी बनकर उभरे हैं। इस युवा खिलाड़ी ने ऑस्ट्रेलिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीत में उनका योगदान कोई नहीं भुला सकता। इंग्लैंड के खिलाफ हुई सीरीज में भी पंत प्रभावी रहे और कई अच्छी पारियां खेलीं। उसके बाद इंडियन टी20 लीग में दिल्ली की ओर से उन्होंने इस सीजन में बतौर कप्तान शानदार बैटिंग की। 2018 में उन्होंने इंग्लैंड की धरती पर अपना पहला टेस्ट शतक भी जमाया था। इसलिए टीम इंडिया उनसे अब उसी प्रदर्शन को दोहराने की उम्मीद करेगी। 

स्पिनर (अश्विन और जडेजा)

साउथेम्प्टन की सतह खेल के दो दिनों के बाद स्पिन के अनुकूल हो जाएगी और भारत अपने फ्रंट-लाइन स्पिनर के तौर पर जडेजा और अश्विन दोनों को चुन सकता है। अश्विन ने गेंद और बल्ले दोनों से ही विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने 13 मैचों में 20.88 की औसत से 67 विकेट लिए, जिसमें चार बार पारी में 5 विकेट लिए। उन्होंने एक शतक भी बनाया जो चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ आया था। उनके पास फाइनल में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में सबसे ज्यादा विकेट लेने का मौका होगा, इसके लिए उन्हें 4 विकेट चटकने की आवश्यकता है।

वहीं जडेजा की भूमिका बल्ले और गेंद दोनों से भारत के लिए अहम होगी. उन्होंने भारत की बल्लेबाजी में और गहराई ला दी है. डाउन-ऑर्डर पर उनके महत्वपूर्ण रन भारत के लिए परिणाम बदल सकते हैं। अश्विन के साथ-साथ जडेजा अपनी स्पिन के साथ खतरनाक हो सकते हैं। भारत के पास सुंदर और अक्षर पटेल का विकल्प भी है लेकिन अश्विन-जडेजा की जोड़ी संभवतया इस मैच में दिखेगी।

तेज गेंदबाज (जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और इशांत शर्मा)

तेज गेंदबाजों का कॉम्बिनेशन चुनना टीम इंडिया के लिए मुश्किल हो सकता है। क्योंकि हमने पिछले कुछ महीनों में टीम इंडिया के तेज गेंदबाजों को असाधारण प्रदर्शन करते हुए देखा है। हालांकि बुमराह का स्थान लगभग तय है और वे तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करेंगे। अगर साउथेम्प्टन में बादल छाए रहेंगे तो शमी टीम इंडिया के लिए दूसरे पेसर हो सकते हैं। क्योंकि शमी गेंद को स्विंग कराने में माहिर हैं। तीसरे स्थान के लिए इशांत शर्मा और मोहम्मद सिराज के बीच मुकाबला होगा। इशांत शर्मा चोट से उबर चुके हैं और उनके पास टेस्ट क्रिकेट का लंबा अनुभव हैं। वहीं मोहम्मद सिराज ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर कमाल का प्रदर्शन किया था जिसके बाद वे काफी अच्छी फॉर्म में है। इंडियन टी20 लीग में भी सिराज शानदार फॉर्म में थे। हालांकि फाइनल में टीम इंडिया अनुभव को वरीयता दे सकती है और इशांत शर्मा को जगह मिल सकती है, इशांत इंग्लैंड के पिछले दौरे पर भी अच्छी फॉर्म में थे। 

टीम इंडिया के पास बेहतरीन खिलाड़ियों की फौज है। हनुमा विहारी भी मध्यक्रम के मजबूत बल्लेबाज हैं और वे इस समय इंग्लैंड में काउंटी चैंपियनशिप भी खेल रहे हैं। मयंक अग्रवाल भी एक विकल्प हैं। हालांकि सभी खिलाड़ियों को एक मैच में मौका देना संभव नहीं है इसलिए इंग्लैंड के खिलाफ आगामी सीरीज के लिए टीम इंडिया इन खिलाड़ियों को आजमा सकती है। 

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