टेस्ट क्रिकेट के सबसे विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने आज के दिन किया था टेस्ट-डेब्यू

टेस्ट क्रिकेट की अगर बात की जाए तो हमारे जेहन में 5 दिन तक धीमी रफ्तार से चलता हुआ क्रिकेट मैच आएगा। क्योंकि टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजों की बल्लेबाजी की रफ्तार धीमी होती है और देखने वालों को ऐसे में ये मैच कभी-कभी बोरियत से भरे लगते हैं। लेकिन टेस्ट क्रिकेट में एक ऐसा बल्लेबाज भी हुआ जिसने टेस्ट क्रिकेट की परिभाषा बदल दी। और वो क्रिकेटर कोई और नहीं बल्कि टीम इंडिया के धाकड़ ओपनर वीरेंद्र सहवाग हैं।

वीरेंद्र सहवाग ने 19 साल पहले आज ही के दिन, यानि 3 नवंबर 2001 को अपने टेस्ट करियर की शुरूआत की थी। साल 2001 में टीम इंडिया सौरव गांगुली की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीका में एक ट्राई सीरीज खेलने गई, सीरीज की तीसरी टीम थी केन्या। उस दौरे पर टीम इंडिया के साथ थे वीरेंद्र सहवाग, सहवाग उससे पहले वनडे में डेब्यू कर चुके थे और सलामी बल्लेबाज के तौर पर टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व करते थे। 3 नवंबर 2001 को साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्हें टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिला।

इस मैच में इंडिया ने पहले बल्लेबाजी की, लेकिन टीम इंडिया के दिग्गज इस मैच में दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों के सामने टिक नहीं पा रहे थे। भारत ने 68 रन पर चार विकेट खो दिए थे, राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण अपना विकेट खो चुके थे। इस समय क्रीज पर मौजूद थे सचिन तेंदुलकर और उनका साथ देने के लिए आए वीरेंद्र सहवाग, चार विकेट खोकर भारत दबाव में था, लेकिन सहवाग और सचिन की जोड़ी ने ढहती हुई भारतीय पारी को संभाला। वीरेंद्र सहवाग ने पहले ही मैच में शानदार शतक जड़ते हुए 173 गेंदो पर 19 चौकों की मदद से 105 रन की पारी खेली। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के साथ मिलकर 220 रन की साझेदारी कर डाली। सचिन तेंदुलकर ने भी उस मैच में 184 गेंदों पर 155 रन की लाजवाब पारी खेली। 

हालांकि टीम इंडिया ने ये मैच गवां दिया था लेकिन टेस्ट क्रिकेट में वीरेंद्र सहवाग युग की शुरूआत हो चुकी थी, पहले मैच में भले ही उनका स्ट्राइक रेट 60.69 रहा हो लेकिन, बाद में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में धूम मचा दी और कई बड़े रिकाॅर्ड अपने नाम किए, 

आइए जानते हैं उनके कुछ टेस्ट रिकाॅर्ड्स के बारे में-

  • टीम इंडिया की ओर से 370 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले वीरेंद्र सहवाग ने एकदिवसीय क्रिकेट में 100 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। वहीं, 104 टेस्ट मैचों में सहवाग ने 82.23 के ताबड़तोड़ स्ट्राइकरेट से 8500 से ज्यादा रन बनाने का कीर्तिमान स्थापित किया है। दुनिया का कोई भी बल्लेबाज इतनी तेज गति से टेस्ट क्रिकेट में रन नहीं बना सका है। यही कारण है कि सबसे ज्यादा बार कम गेंदों में शतक ठोकने का विश्व रिकॉर्ड भी भारतीय टीम के इस पूर्व दिग्गज ओपनर के नाम दर्ज है।
  • वीरेंद्र सहवाग ने 7 बार 100 से कम गेंदों में टेस्ट क्रिकेट में शतक ठोककर विश्व रिकॉर्ड कायम किया है। वीरू ने 78, 87, 87, 90, 90, 93 और 97 गेंदों में टेस्ट मैचों में शतक ठोके हैं।
  • वीरेंद्र सहवाग दुनिया के उन चार क्रिकेटर्स में से एक हैं जिन्होंने दो बार टेस्ट मैचों में तिहरे शतक जड़े हैं। उन्होंने पाकिस्तान व दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट में तिहरे शतक जड़े हैं, उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ एक मैच में 293 रन बनाए थे और अपनी तीसरे तिहरे शतक से चूक गए थे।
  • सबसे तेज तिहरा शतक भी वीरेंद्र सहवाग ने ही लगाया है। 2008 में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका जैसी टीम के खिलाफ 278 गेंदों में ही 300 रन ठोक डाले थे।
  • सहवाग भारत की ओर से तिहरा शतक जड़ने वाले पहले बल्लेबाज हैं। 
  • सहवाग ने अपने करियर में रिकाॅर्डों की परवाह नहीं की इसका एक उदाहरण है कि, 2004 में पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान में हो रहे टेस्ट मैच में वे गेंदबाजों की धुनाई कर रहे थे। दूसरे छोर पर खड़े तेंदुलकर ने उन्हें समझाया कि वे तिहरे शतक की ऐतिहासिक उपलब्धि के करीब हैं और थोड़ा संभलकर बल्लेबाजी करें। लेकिन 294 के स्कोर पर उन्होंने बल्ला घुमाया और छक्का मारकर अपना पहला तिहरा शतक पूरा किया। क्रिकेट के पंडितों के मुताबिक ऐसा सिर्फ सहवाग ही कर सकते थे जो आगे या पीछे की नहीं बल्कि सिर्फ मौजूदा पल की सोचते थे।
  • यही नहीं, सहवाग ने जो शतक लगाए हैं उनमें से 75 फीसदी ऐसे हैं जिनमें उनका स्कोर 150 से ज्यादा रहा है।

टेस्ट क्रिकेट की परिभाषा बदलने वाले सहवाग को नजफगढ़ के नवाब और मुल्तान के सुल्तान के नाम से भी जाना जाता है। 20 अक्टूबर 2015 को सहवाग ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था।