Monday, February 26, 2024
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इंडियन टी20 लीग इतिहास के 5 सबसे विवादित मुद्दे

इंडियन टी20 लीग उन स्पोर्ट्स लीग्स में शुमार हैं जिन्हें दुनिया में सबसे ज्यादा देखा जाता है। हर साल आयोजित होने वाली यह भव्य लीग लगभग दो महीने तक चलती है। इस लीग को भारत में त्यौहार की तरह माना जाता है। भारत समेत दुनिया भर के बड़े-बड़े दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ी इस लीग में हिस्सा लेते हैं। अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को एक ही टीम में खेलते देखना वाकई कमाल का अनुभव होता है। 

लीग के आयोजन में काफी पैसा खर्च किया जाता है। खिलाड़ियों को भी इस लीग में खेलने के लिए मोटी रकम दी जाती है। लेकिन इतने बड़े आयोजनों में कोई न कोई विवाद होना  नई बात नहीं है। इसलिए इस लीग में विवाद होते रहे हैं। लेकिन फिर भी इस लीग की गुणवत्ता और ख्याति में कोई कमी नहीं आई है। 

आइए जानते हैं इंडियन टी20 लीग से जुड़े कुछ बड़े विवादों के बारे में-

चीयरलीडर्स विवाद, 2008

2007 में आयोजित हुए पहले टी20 विश्वकप में सबसे पहली बार चीयरलीडर्स नजर आई। ये आईडिया अमेरिकी फुटबॉल लीग या अमेरिकी बास्केटबॉल लीग जैसा था। भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने भी इसी आधार पर 2008 में इंडियन टी20 लीग के पहले सीजन में चीयरलीडर्स का उपयोग किया। लेकिन बाउंड्री लाइन के पास छोटे कपड़ो में नाचती हुई विदेशी लड़कियों को देखना भारतीय समाज ने स्वीकार नहीं किया था। कुछ राजनेता और नारीवादियों ने इस मामले को लेकर नाराजगी जताई थी। पहले सीजन में पंजाब का प्रबंधन संभालने वाली कंपनी ने दो अफ्रीकी मूल की महिलाओं को यह कहते हुए बतौर चीयरलीडर शामिल नहीं किया था कि उनकी त्वचा का रंग गहरा है। महिलाओं ने आरोप लगाया था कि उनके साथ नस्लीय भेदभाव किया गया है। हालांकि उन्होंने इस मामले में किसी भी तरह की आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं की थी। इस मामले के बाद वे वापस लंदन लौट गई थीं।

श्रीसंत-हरभजन विवाद, 2008

हरभजन सिंह और तेज गेंदबाज एस श्रीसंत 2007 में सबसे पहला टी20 विश्वकप जीतने वाली टीम इंडिया के प्रमुख सदस्य थे। 2008 में दोनों खिलाड़ियों ने इंडियन टी20 लीग में हिस्सा लिया था। हरभजन सिंह मुंबई के खिलाड़ी थे वहीं श्रीसंत पंजाब की तरफ से खेल रहे थे। दो बड़े खिलाड़ियों के बीच हुए एक विवाद ने काफी सुर्खियां बटोरी थी। मुंबई-पंजाब के बीच हुए एक मैच के बाद श्रीसंत रोते हुए देखा गया। इस विवाद से संबंधित कोई भी विडियो अभी तक जारी नहीं किया गया है। लेकिन सभी को यह मालूम है कि हरभजन सिंह ने हरभजन सिंह को थप्पड़ जड़ दिया था। श्रीसंत ने कहा था कि मैच खत्म होने के बाद जब सभी खिलाड़ी एक-दूसरे से हाथ मिला रहे थे तब उन्होंने हरभजन से कहा था हार्ड लक। इसी बात पर हरभजन ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया।

मामले की जांच पड़ताल के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने सीजन के बाकी मैचों के लिए हरभजन पर प्रतिबंध लगा दिया था। उस समय उनकी टीम के 11 लीग मैच बाकी थे। लेकिन बाद में दोनों खिलाड़ियों के बीच समझौता हो गया और दोनों 2011 विश्व कप जीतने वाली टीम इंडिया के सदस्य भी थे। 

स्पॉट फिक्सिंग 2013

2013 में हुई एक घटना से इंडियन टी20 लीग की साख दांव पर लग गई थीं। राजस्थान के तीन खिलाड़ी एस श्रीसंत, अजीत चंदीला और अंकित च्वहाण को दिल्ली पुलिस ने मुंबई के ट्राइडेंट होटल से गिरफ्तार किया था। क्योंकि इन खिलाड़ियों पर बुकीज़ के साथ मिलकर स्पॉट फिक्सिंग का आरोप लगा था। इसके बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने श्रीसंत को जो कि उस समय अपने करियर में काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया। लेकिन पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें दोषी नहीं पाया था। लेकिन भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने च्वहाण और चंदीला पर भी आजीवन प्रतिबंध लगा दिया। 

बोर्ड ने मार्च 2020 में श्रीसंत पर लगाया गया प्रतिबंध हटा दिया और उन्हें पेशेवर क्रिकेट में लौटने की अनुमति दी गई। उन्होंने उसके बाद केरल टीम की तरफ से क्रिकेट खेला। लेकिन इंडियन टी20 लीग-2021 की निलामी के लिए उन्हें शॉर्टलिस्ट नहीं किया गया।

शाहरूख खान- वानखेडे विवाद

बॉलीवुड स्टार शाहरूख खान इंडियन टी20 लीग में कोलकाता टीम के मालिक हैं। लेकिन साल 2012 में हुए एक मैच के दौरान वे भी विवादों से घिर गए। 2012 में मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में हुए एक मैच में कोलकाता ने मुंबई को हरा दिया था। कथित तौर पर इस मैच में शाहरूख खान नशे में थे। जब वे जीत के बाद अपने दोस्तों और बच्चों के साथ मैदान में जाने लगे तो उन्हें मुंबई पुलिसकर्मी ने उन्हें मैदान में जाने से रोका था। लेकिन ऐसा करने पर उन्होंने मुंबई पुलिस के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इसके बाद जो हुआ वह कई दिनों तक सुर्खियों में रहा। क्योंकि मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने शाहरूख खान पर वानखेडे में प्रवेश पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया था। 

इस बारे में शाहरूख खान ने कहा था कि, वहां खड़े पुलिसकर्मी ने उनके बच्चों व उनके साथ अभद्रता की थी इसलिए वे अपना आपा खो बैठे थे। 2017 तक मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में प्रवेश पर शाहरूख खान पर रोक लगाई गई थी।

फाइनल की रात हटाए गए इंडियन टी20 लीग के कमिश्नर

इंडियन टी20 लीग के आइडिया को जीवंत करने वाले और क्रिकेट की सबसे बड़ी लीग के तौर पर इसे स्थापित करने वाले व्यक्ति को ही यदि रातों रात पद से हटा दिया जाए तो इस पर विवाद खड़ा होना लाज़मी है। इंडियन टी20 लीग को शुरू करने का श्रेय ललित मोदी को जाता है। उन दिनों ललित मोदी भारतीय क्रिकेट बोर्ड में बड़ा नाम था। वे 2008 से 2010 तक इंडियन टी20 लीग कमिश्नर रहे थे। लेकिन 2010 में मोदी पर कई आरोप लगाए गए। ललित मोदी पर राजस्थान और पंजाब की निलामी में गड़बड़ी करने, सोनी को प्रसारण अधिकार दिलाने में गड़बड़ी करने और इंडियन टी20 लीग के दूसरे सीजन को दक्षिण अफ्रीका में आयोजन करवाने को लेकर रिश्वत देने जैसे 5 मामलों में आरोप लगे थे। इसलिए उन्हें इंडियन टी20 लीग-2010 के फाइनल की रात को पद से हटा दिया गया था। इसके बाद ललित मोदी लंदन चले गए थे और आज भी आरोपों से बचने के लिए लंदन में ही रह रहे हैं।

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