HomeCricketइंडियन टी-20 लीग के टाइटल स्पाॅन्सर के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाएगा बीसीसीआई

इंडियन टी-20 लीग के टाइटल स्पाॅन्सर के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाएगा बीसीसीआई

इंडियन टी-20 लीग को यूएई में 19 सितंबर से 10 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। कोरोना वायरस महामारी के कारण पूरे टूर्नामेंट को देश से बाहर आयोजित करने का फैसला लिया गया है। इस लीग की टाइटल स्पॉन्सर कंपनी वीवो के साथ बीसीसीआई ने अपना करार खत्म कर दिया है और अब बीसीसीआई को नए स्पॉन्सर की तलाश है और बीसीसीआई अब इसके लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाएगा।

कोरोना वायरस के बाद भारत और चीन में बढ़ते मतभेदों और तनाव के बीच बीसीसीआई ने भी इंडियन टी-20 लीग के टाइटल स्पॉन्सर वीवो के साथ अपना करार खत्म कर दिया है। गौरतलब है कि वीवो एक चाइनीज मोबाइल निर्माता कंपनी है और बीसीसीआई से उसका अनुबंध पांच वर्ष का था लेकिन अब यह करार दो वर्षों में टूट चुका है। इसके पीछे प्रमुख कारण भारत और चीन विवाद के साथ भारतीय दर्शक भी नहीं चाहते हैं कि कोई भी चाइनीज कंपनी भारत की इस सबसे बड़ी लीग की प्रायोजक बने, इसलिए बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर इसके खिलाफ आवाजें उठ रही थी जिसके बाद अंततः बीसीसीआई को ये फैसला करना पड़ा।

अब आगे क्या होगा?

वीवो से करार खत्म होने के बाद अब बीसीसीआई को तलाश है टूर्नामेंट के नए प्रायोजकों की, जो इंडियन टी-20 लीग का टाइटल स्पॉन्सर बन सके। बीसीसीआई के सूत्रों के मुताबित इंडियन टी-20 लीग-2020 के टाइटल स्पॉन्सर के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया द्वारा बोलियां आमंत्रित की जाएंगी। इस पूरे मसले से संबंध रखने वाले सूत्र के अनुसार ”बीसीसीआई जल्द ही आईटीबी निकालेगा और टेंडर प्रक्रिया का पालन किया जाएगा क्योंकि बोर्ड पारदर्शिता में विश्वास रखता है“।

स्पाॅन्सर की तलाश को लेकर मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसके लिए ई-लर्निंग और ई-कॉमर्स कंपनियां आगे आएंगी, लेकिन एक टेलिकॉम कंपनी भी इसके लिए अपनी दावेदारी पेश कर सकती है। इस रेस में अमेजॉन को सबसे आगे माना जा रहा है। ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी ने अभी तक किसी खेल में टाइटल या ग्राउंड स्पॉन्सर का रोल नहीं निभाया है। हालांकि, इंडियन टी-20 लीग के दौरान दशहरा-दिवाली सीजन भी। इसलिए इस मौके का लाभ उठाने के लिए अमेजॉन कंपनी भी दांव खेल सकती है।

इंडियन टी-20 लीग के टाइटल स्पॉन्सर होने के नाते विवो को हर साल 440 करोड़ रुपये की मोटी रकम का भुगतान करना होता था। इस साझेदारी के खत्म होने से आठ फ्रेंचाइजियों को भी नुकसान होगा। स्पॉन्सरशिप की रकम से प्रत्येक फ्रेंचाइजी को 27.5 करोड़ रपये मिलते हैं। अब दुनिया की सबसे महंगी क्रिकेट लीग के अगले टाइटल स्पॉन्सर पर हर किसी की निगाहें टिकीं हैं। सभी को इस बात का इंतजार है कि आखिर कौन सी कंपनी होगी जो इंडियन टी-20 लीग के 13वें सीजन को स्पॉन्सर करेगी?

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